03 नवंबर, 2025

ईश्वर क्या है?



🌿 ईश्वर वह चेतना है
जो सृष्टि के कण-कण में व्याप्त है,
जो हमारे भीतर भी है और बाहर भी।

🕉️ वेदों में कहा गया है —

> “एकं सद् विप्रा बहुधा वदन्ति।”
— अर्थात्, सत्य एक है, ज्ञानी लोग उसे अनेक नामों से पुकारते हैं।



ईश्वर न केवल सृष्टिकर्ता है, वह संरक्षक और संहारक भी है।
वह शक्ति है जो प्राणों में गति देती है, मन में प्रेरणा जगाती है, और अन्याय के विरुद्ध खड़ा होने का साहस देती है।

🪔 दार्शनिक दृष्टि से,
ईश्वर वह “परम सत्य” है,
जिससे सब कुछ उत्पन्न हुआ और जिसमें सब कुछ विलीन हो जाता है।

💫 भक्त के लिए,
ईश्वर प्रेम है —
माँ की ममता, पिता का संरक्षण, मित्र का स्नेह,
और अंतर्मन की वह शांति जो किसी भी परिस्थिति में डगमगाती नहीं।

> “ईश्वर को पाने के लिए मंदिर या तीर्थ नहीं चाहिए,
बस मन को निर्मल और हृदय को विनम्र बनाना पड़ता है।”




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