वाराणसी, जिसे काशी और बनारस के नाम से जाना जाता है, भारत की आध्यात्मिक राजधानी मानी जाती है। यहाँ की भोर में गंगा आरती, संध्या की दीपमालाएँ और घाटों पर गूँजते मंत्र जीवन को नई दिशा देते हैं। प्राचीन गलियों में इतिहास साँस लेता है, तो मंदिरों की घंटियाँ आत्मा को स्पर्श करती हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर श्रद्धा का केंद्र है, जहाँ हर आगंतुक को अलौकिक शांति मिलती है।
बनारस केवल एक नगर नहीं, यह संस्कृति, संगीत, ज्ञान और मोक्ष की परंपरा का जीवंत संगम है। यहाँ समय भी ठहरकर ध्यान लगाता है—और गंगा की धारा जैसे कहती है, “आओ, स्वयं को
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